अब मध्यप्रदेश में भी होगी बांग्लादेश और म्यांमार से आए लोगों की कड़ी जांच, जानिए क्या है सरकार की योजना

मध्य प्रदेश में विदेशी नागरिकों की जांच: सुरक्षा के लिए कड़े कदम
कड़ी निगरानी और जांच
मध्य प्रदेश में बांग्लादेश और म्यांमार से आने वाले लोगों की पहचान और दस्तावेजों की जांच कड़ी की जा रही है। खासकर उन लोगों पर ध्यान दिया जा रहा है जो खुद को भारतीय बताते हैं लेकिन उनके पास सही कागजात नहीं हैं। सरकार इसे देश की सुरक्षा से जोड़कर देख रही है। यह कदम देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है ताकि किसी भी तरह के खतरे से बचा जा सके।
गृह मंत्रालय का आदेश: 30 दिन की समय सीमा
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को आदेश दिया है कि 30 दिनों के अंदर विदेशी नागरिकों की जांच पूरी कर ली जाए। जो लोग इस समय सीमा में अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाएंगे, उन्हें देश से बाहर भेज दिया जाएगा। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी।
विधायक का समर्थन: सुरक्षा सबसे पहले
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना है कि यह फैसला देश की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। उनका मानना है कि बिना दस्तावेजों वाला कोई भी व्यक्ति भारत में नहीं रह पाएगा। यह जांच थाना स्तर पर की जाएगी ताकि हर व्यक्ति की पहचान सही हो सके और देश की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। यह एक सराहनीय कदम है जो देश की सुरक्षा को मजबूत करेगा।
बिना कागजात वाले लोगों की समस्या
पिछले कुछ सालों में कई राज्यों में बांग्लादेश और म्यांमार से आए ऐसे लोग मिले हैं जिनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं था। इसी वजह से सरकार ने देशभर में जांच का दायरा बढ़ाया है। यह कदम देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जरूरी है।
30 दिन का अल्टीमेटम
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि जिनके पास सही दस्तावेज नहीं होंगे और जो 30 दिन में अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाएंगे, उन्हें देश से बाहर भेज दिया जाएगा। यह कदम भारत की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है। यह एक कठोर लेकिन जरूरी कदम है जो देश की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।



