व्यापार
Trending

GST विवाद से राहत: Infosys पर ₹32,403 करोड़ की भारी मांग हुई खत्म, कंपनी ने ली चैन की सांस

Infosys का 4 साल पुराना टैक्स विवाद हुआ खत्म! अब बिज़नेस पर फोकस

चार साल तक चले GST विवाद के बाद Infosys को मिली बड़ी राहत! ₹32,403 करोड़ के टैक्स के झंझट से कंपनी को आज़ादी मिल गई है। अब Infosys अपने काम पर पूरा ध्यान दे पाएगी।

विवाद का अंत: एक बड़ी राहत

GST इंटेलिजेंस डायरेक्टरेट (DGGI) ने आखिरकार 2018-19 से 2021-22 तक के GST के नोटिस वापस ले लिए हैं। यह Infosys के लिए बहुत बड़ी जीत है क्योंकि इससे कंपनी पर से बहुत बड़ा आर्थिक बोझ हट गया है। इससे पहले, अगस्त 2024 में, कंपनी को 2017-18 के लिए भी राहत मिली थी। अब यह मामला पूरी तरह से खत्म हो गया है।

विवाद की जड़: विदेशी शाखाओं से ली गई सेवाएँ

यह विवाद Infosys द्वारा अपनी विदेशी शाखाओं से ली गई सेवाओं पर IGST के भुगतान को लेकर शुरू हुआ था। DGGI का मानना था कि इन सेवाओं पर टैक्स लगना चाहिए, जबकि Infosys का कहना था कि ये इनपुट सर्विसेज हैं, जिन पर टैक्स नहीं लगता। Infosys ने हमेशा कहा है कि उसने सभी नियमों का पालन किया है।

Infosys का पक्ष: नियमों का पूरा पालन

Infosys ने हमेशा कहा कि उसने GST नियमों का पूरी तरह से पालन किया है और विदेशी शाखाओं से मिली सेवाएँ GST के दायरे में नहीं आतीं। कंपनी ने सरकार के एक सर्कुलर का हवाला देते हुए अपनी बात को सही साबित किया।

वित्तीय प्रभाव: मुनाफे में थोड़ी गिरावट, लेकिन राजस्व में बढ़ोतरी

हालांकि मार्च तिमाही में Infosys का मुनाफा 11.7% घटकर ₹7,033 करोड़ रहा, लेकिन पूरे साल (FY25) में राजस्व 6.06% बढ़कर ₹1,62,990 करोड़ हो गया, जो कंपनी के अनुमान से ज़्यादा है। FY26 के लिए कंपनी ने 0-3% की रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगाया है।

निष्कर्ष: अब बिज़नेस पर फोकस

इस टैक्स विवाद के खत्म होने से Infosys को अपने मुख्य काम पर ध्यान केंद्रित करने का मौका मिलेगा। यह न सिर्फ Infosys के लिए, बल्कि पूरी IT इंडस्ट्री के लिए एक अच्छी खबर है। अब कंपनी नए काम और निवेशकों पर ध्यान दे पाएगी।

Related Articles

Back to top button