
टाटा मोटर्स और रिलायंस: शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखी गई, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों नीचे आए। इसका मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित नए टैरिफ हैं, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका बढ़ गई है। citeturn0news18 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 591.05 अंक या 0.77% गिरकर 75,704.31 पर पहुंच गया। वहीं, व्यापक एनएसई निफ्टी 202.55 अंक या 0.87% की गिरावट के साथ 23,047.55 पर आ गया। citeturn0search2 सेंसेक्स के प्रमुख घटकों में टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, एलएंडटी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति सुजुकी, इंडसइंड बैंक, इन्फोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, सन फार्मा और अडानी पोर्ट्स शामिल थे। इसके विपरीत, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, नेस्ले इंडिया और हिंदुस्तान यूनिलीवर लाभ में रहे। विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में अनिश्चितता बढ़ रही है, जो कुछ समय तक बनी रह सकती है। ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ और चीन, यूरोपीय संघ तथा अन्य देशों की संभावित प्रतिक्रिया से यह अनिश्चितता और बढ़ सकती है। citeturn0news19 ट्रंप ने बुधवार को भारत पर 27% “रिसिप्रोकल टैरिफ” लगाया, जबकि उन्होंने कहा कि भारत अमेरिकी वस्तुओं पर 52% शुल्क लगाता है। citeturn0news18
एशियाई बाजारों में, टोक्यो का निक्केई 3% से अधिक और सियोल का कोस्पी लगभग 2% नीचे थे। शंघाई और हांगकांग के बाजार छुट्टी के कारण बंद थे। अमेरिकी बाजारों में गुरुवार को भारी गिरावट देखी गई, जो 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट थी। citeturn0news19 एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्रमुख अनुसंधानकर्ता देवरश वकील के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक टैरिफ घोषणाओं के कारण वॉल स्ट्रीट में भारी गिरावट आई, जिससे वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका बढ़ गई है। citeturn0search10 वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.70% गिरकर 69.65 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इस बीच, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 2,806 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने शुद्ध रूप से 221.47 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 322.08 अंक गिरकर 76,295.36 पर बंद हुआ, और एनएसई निफ्टी 82.25 अंक गिरकर 23,250.10 पर बंद हुआ।



