
भारत का नया मंत्र: जीरो टॉलरेंस और वैश्विक संवाद
भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी मुहिम को एक नए स्तर पर ले जाने का फैसला किया है। ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के साथ, भारत दुनिया को अपना नया नजरिया दिखा रहा है। इसके लिए, एक सर्वदलीय संसदीय दल कुवैत पहुंचा है, जिसका नेतृत्व बीजेपी सांसद बैजयंत जय पांडा कर रहे हैं।
कुवैत में भारत का संदेश
कुवैत में, यह दल वहां के अधिकारियों, मीडिया, और आम लोगों से बातचीत करेगा। मकसद सिर्फ अपनी बात रखना नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाना और भारत-कुवैत के रिश्ते और मजबूत करना है। इस दल में कई दिग्गज शामिल हैं, जिनमें असदुद्दीन ओवैसी, गुलाम नबी आज़ाद, रेखा शर्मा और हर्षवर्धन श्रृंगला जैसे नाम शामिल हैं। इन दिग्गजों का अनुभव इस अभियान की ताकत बढ़ाता है।
बहरीन में सफल शुरुआत
कुवैत से पहले, यह दल बहरीन गया था। वहां, उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और सीमापार आतंकवाद पर अपनी चिंता जाहिर की। बहरीन के साथ द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर भी ज़ोर दिया गया। यह दिखाता है कि भारत अपनी बात को कितनी दृढ़ता से रख रहा है।
वैश्विक मंच पर भारत की आवाज़
यह कुवैत दौरा, भारत के बड़े वैश्विक कूटनीतिक अभियान का हिस्सा है। दुनिया के 33 शहरों में, भारत ने ऐसे ही सात दल भेजे हैं। मकसद साफ है: पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों को उजागर करना और भारत की कड़ी कार्रवाई को दुनिया के सामने रखना।
पहलगाम हमला और भारत का जवाब
पहलगाम के आतंकी हमले के बाद, भारत ने पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर कार्रवाई की। हालांकि, पाकिस्तान ने भी जवाब दिया, लेकिन भारत ने कड़ा जवाब देते हुए अपनी ताकत दिखाई। सैन्य बातचीत के बाद, सीमा पर तनाव कम हुआ, लेकिन संदेश स्पष्ट है: आतंकवाद बर्दाश्त नहीं होगा।
नई रणनीति: सख्ती, संवाद और सुरक्षा
यह पूरी कूटनीतिक पहल, भारत की नई रणनीति को दर्शाती है: सख्ती, संवाद और सुरक्षा। भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर अडिग है और वैश्विक सहयोग से आतंकवाद का मुकाबला करने का संकल्प लेता है।



