‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत का दुनिया भर में आतंक के खिलाफ अभियान शुरू, पाकिस्तान को घेरा

भारत का पाकिस्तान के खिलाफ वैश्विक मोर्चा: एक नया अध्याय
हाल ही में हुए आतंकवादी हमलों के बाद, भारत ने पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एक नया और मज़बूत कदम उठाया है – एक वैश्विक मोर्चा। यह कदम भारत की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद अहम है।
यूएई में पहला कदम: दोस्ती और सुरक्षा का संदेश
भारत ने सबसे पहले अपने कूटनीतिक प्रयासों की शुरुआत यूएई से की, जो भारत का एक महत्वपूर्ण मित्र देश है। शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने यूएई के अधिकारियों से मुलाकात की और पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद के खतरों पर चर्चा की। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और पाकिस्तान से आने वाले खतरों पर ज़ोर दिया गया। इस मुलाकात से भारत और यूएई के मज़बूत संबंधों का पता चलता है।
जापान में कूटनीतिक प्रयास: दुनिया को बताना भारत की बात
एक और प्रतिनिधिमंडल, जेडीयू सांसद संजय झा के नेतृत्व में, जापान गया। इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल थे, जिन्होंने जापान के अधिकारियों के साथ भारत की स्थिति स्पष्ट की। यह दिखाता है कि भारत अपनी चिंताओं को दुनिया के सामने रखने के लिए कितना सक्रिय है।
वैश्विक कूटनीति: दुनिया को एक साथ लाना
भारत ने दुनिया के 33 देशों में अपने प्रतिनिधिमंडल भेजे हैं ताकि पाकिस्तान की भूमिका और भारत की जवाबी कार्रवाई को सही तरीके से समझाया जा सके। यह एक बड़ा कूटनीतिक कदम है जो भारत की सुरक्षा को वैश्विक मंच पर मजबूती देने की दिशा में है।
पहलगाम हमला और जवाबी कार्रवाई: आत्मरक्षा का अधिकार
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद, भारत ने पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई की। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की कोशिश की, लेकिन भारत ने इन हमलों का मुँहतोड़ जवाब दिया।
सीमा पर शांति: संघर्ष के बाद सुलह
तीन दिन तक चले संघर्ष के बाद, भारत और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत हुई, जिससे सीमा पर शांति बनी। लेकिन भारत अब कूटनीतिक मोर्चे पर भी पूरी तैयारी के साथ दुनिया को बता रहा है कि आतंक के खिलाफ उसकी लड़ाई पूरी तरह जायज़ और जरूरी है।



