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तेज प्रताप यादव विवाद: क्या राजद सुप्रीमो को अपना फैसला फिर से सोचना चाहिए?

तेज प्रताप का विवाद: राजद में उठे सवाल!

तेज प्रताप यादव के निजी जीवन से जुड़े विवादों और राजद से उनके निष्कासन ने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है। यह लेख इस पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझने में आपकी मदद करेगा।

तेज प्रताप का विवादास्पद बयान और सोशल मीडिया पोस्ट

24 मई को तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर एक महिला के साथ अपने रिश्ते का खुलासा किया, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। उन्होंने बाद में दावा किया कि उनका अकाउंट हैक हुआ था, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। इस बयान ने उनके पारिवारिक जीवन और राजनीतिक भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटनाक्रम उनके राजनीतिक करियर के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है।

सुदाकर सिंह का समर्थन और लालू प्रसाद का कड़ा फैसला

राजद सांसद सुदाकर सिंह ने तेज प्रताप का समर्थन करते हुए कहा कि हिंदू धर्म में दूसरी शादी कोई अपराध नहीं है। उन्होंने लालू प्रसाद से तेज प्रताप के खिलाफ फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। हालांकि, लालू प्रसाद ने तेज प्रताप को पार्टी से निष्कासित कर दिया और पारिवारिक संबंध भी तोड़ लिए। उन्होंने तेज प्रताप के व्यवहार को गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि इससे पार्टी की छवि को नुकसान हो रहा है।

साजिश का आरोप और भाई तेजस्वी पर भरोसा

तेज प्रताप ने अपने निष्कासन को एक साजिश करार दिया और अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि उनके और तेजस्वी के बीच दरार डालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके और तेजस्वी के बीच कोई भी दरार नहीं आ सकती।

परिवारिक विवाद और राजनीतिक असर

यह विवाद राजद परिवार में तनाव बढ़ा रहा है। इसका पार्टी की छवि और आगामी चुनावों पर गहरा असर पड़ सकता है। यह घटनाक्रम राजद के लिए एक बड़ी चुनौती है और आगे क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

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