
MP के CM मोहन यादव का बड़ा बयान – “कांग्रेस का वक्फ कानून न्याय व्यवस्था और संघीय ढांचे का मजाक”
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कांग्रेस सरकारों द्वारा बनाए गए वक्फ कानून पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस कानून ने देश की न्याय व्यवस्था और संघीय ढांचे का मजाक बना दिया था। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “यह देश का एकमात्र कानून था, जिसके तहत वक्फ बोर्ड के फैसलों को अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती थी।”
मोदी सरकार ने किया सुधार
मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने वक्फ कानून में सुधार करते हुए इसे अदालत के दायरे में लाकर न्यायपालिका को मजबूत किया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा,
“कांग्रेस सिर्फ मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए झूठ बोल रही है। इस तुष्टिकरण की वजह से कांग्रेस देश और मुसलमानों दोनों का नुकसान कर रही है।”
अमित शाह का बयान और वक्फ संशोधन बिल
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को साफ कर दिया था कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, जिसे अगस्त 2024 में संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजा गया था, उसे इस सत्र में दोबारा पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि वर्तमान बजट सत्र खत्म होने में अब सिर्फ चार कार्य दिवस बचे हैं, जो 4 अप्रैल को समाप्त होगा। हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट ने JPC की सिफारिशों के साथ संशोधित वक्फ (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी है। अब इसे संसद में पेश कर चर्चा और पारित कराने का रास्ता साफ हो गया है।
संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट
- यह बिल अगस्त 2024 में लोकसभा में पेश किया गया था, जिसे अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने रखा था।
- इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेज दिया गया था, जिसने इस पर विस्तार से रिपोर्ट तैयार की।
- 655 पन्नों की यह रिपोर्ट इस महीने की शुरुआत में संसद के दोनों सदनों में पेश की गई।
- हालांकि, JPC के 11 विपक्षी सांसदों ने इस रिपोर्ट पर आपत्ति जताई और विरोध दर्ज कराया।
अब देखना होगा कि इस बिल पर संसद में क्या रुख अपनाया जाता है।